Telecom कंपनियों की बढ़ी परेशानी | देने होंगे 92 हजार करोड़ रूपये

भारत के लगभग सभी Telecom कम्पनिया जैसे की Airtel , Idea , Vodafone , BSNL , MTNL etc. की परेशानी बढ़ गयी है क्योकि सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी पर कुल 134 हजार करोड़ की फ़ीस चुकाने का आदेश दिया है | अब तो टेलीकॉम कंपनियों की वॉट लगने वाली है | चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते है की आखिर यह कैसा चार्ज है और सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा क्यों किया है ?

जानिए क्या है पूरा मामला ?

दरअसल जब भी कोई टेलीकॉम कंपनी अपना सर्विस स्टार्ट करती है तो उसे AGR (Adjust Gross Revenue) अर्थात भारत संचार मंत्रालय को कुछ फीसदी स्पेक्ट्रम फीस और कुछ फीसदी लाइसेंस फीस देने पड़ते है | लेकिन इन कंपनियों ने साल 2005 से ही यह फीस नहीं दिया था |

दरअसल AGR का कहना था की सभी टेलीकॉम कंपनियों को अब अपने फ़ोन सेवाओं से हुई आमदनी के साथ – साथ आपके पास जमा राशि का ब्याज , सम्पति को बेच कर हुई आमदनी और अपने किसी सम्पति को किराये पर देकर हुई आमदनी के पैसे में से कुछ पैसे भी हमको देने पड़ेंगे | इसी बात का विरोध टेलीकॉम इंडस्ट्री की दिग्गज कम्पनिया जैसे की एयरटेल आईडिया और वोडाफोन ने किया था | यह बात 2005 से ही स्टार्ट हुई थी | तब AGR ने इन सभी टेलीकॉम कंपनियों पर केस कर दिया |

तब से लेकर आज तक यह केस चल रहा था | बिच में कई बार तो इस केस को ख़ारिज भी कर दिया गया था लेकिन AGR ने हार नहीं माना | यह मामला जब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा तो उन्होंने कुछ वक्त लिया फिर उसके बाद दोनों पक्षों की बात सुनकर यही फैसला सुनाया की सभी Telecom कंपनियों को यह पैसे ब्याज समेत देने पड़ेंगे |

हालाँकि जो वास्तविक बकाया राशि है वो मात्र 23,189 करोड़ रुपये का है लेकिन इतने दिनों से इन कंपनियों ने पैसा नहीं दिया तो इसका ब्याज 41,650 करोड़ रूपये हो गया है |चलिए अब आपको बताते है की किस कंपनी को कितना पैसा देना है ?

सलमान खान के बिग बॉस शो में पहुंचे भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव

किस कंपनी को कितना पैसा देना है ?

चलिए अब आपको बताते है की जितनी भी टेलिकॉम कम्पनिया है , उनमे से किस कंपनी को कितने पैसे देने है |

Telecom CompanyAmount ( करोड़ रूपये में )
Airtel21,682
Idea8,485
Vodafone19,823
BSNL2,098
MTNL2,537
Telenor1,950
Tata Telicom9,987
R Com16,456
Aircel 7,852
Videocon1,032
Reliance Jio13

तो इस तरफ आपने देखा की एयरटेल कंपनी को सबसे ज्यादा पैसे देने है लेकिन वही रिलायंस जिओ कंपनी को मात्र 13 करोड़ रूपये ही देने है जो की उनके लिए कोई खास बजट नहीं है | अब आपके मन में यह सवाल आता होगा की जिओ का इतना बड़ा नेटवर्क है तो इसका इतना कम क्यों और एयरटेल का इतना ज्यादा क्यों ?

तो आपको बता दे की जिओ कंपनी को अभी इस क्षेत्र में आये 2- 3 वर्ष ही हुए है इसलिए इसका चार्ज कम है लेकिन वही बात एयरटेल और अन्य कंपनियों की की जाए तो यह कम्पनिया पहले से ही अपना सर्विस Provide कर रही है जिसके कारण उनका इतना ज्यादा आया है |

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें !
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें