Bhatar Rahe Dur – Khesari Lal Yadav – Lyrics

Khesari Lal Yadav और Neelkamal Singh का यह गाना Khesari Music World यूट्यूब चैनल से रिलीज़ किया गया है जिसका नाम है – भतार रहे दूर (Bhatar Rahe Dur). इस गाना को लिखे है चन्दन कुमार जी जबकि म्यूजिक दिए है राज गाजीपुरी जी | निचे आप इस गाना को सुन सकते है –

Ja Ae Jaan Setting Kara Ke Ja (Khesari Lal Yadav) Lyrics

Bhatar Rahe Dur – Lyrics

साड़ी देला किन किन बा फसवले सवतीन

बा फसवले सवतीन ! बा फसवले सवतीन

का कही बड़ा तकलीफ में बानी ऐ भऊजी

बड़ी दरद बा ! बहुत बहुत !

त साड़ी देला किन किन बा फसवले सवतीन

आवता ना ओकरा रखे के मेहर लुर

ऐ है

आवत ना ओकरा रखे के मेहर लुर

कऊवा उड़ खरहा उड़ भतरा रहता हमसे दूर

कऊवा उड़ खरहा उड़ भतरा रहता हमसे दूर

अरे जिओ !

दिन भर रहे एने ओने हमार पिया

मारता मुह कोने कोने हमार पिया

[म्यूजिक..]

शादी कके गड़हा में ठेलले रे माई

ठेलले रे माई ! ठेलले रे माई ! ठेलले रे माई ! ठेलले रे माई

दुसरे त पियावा के धइले रहे बाई

धइले रहे बाई हो धइले रहे बाई ! धइले रहे बाई हो धइले रहे बाई

दयादीन मरद लेके सुते मोरा जरल दिया बूते

आह रे माई ! अरे जिया व्यास

दयादीन मरद लेके सुते मोरा जरल दिया बूते

ऐ भऊजी डूब के पानी पियता जरुर

अरे बेंग ह का रे

ह ! भदायवा ह |

आच्छा ! आच्छा !

ऐ भऊजी डूब के पानी पियता जरुर

ऐ भऊजी डूब के पानी पियता जरुर

कऊवा उड़ गदहा उड़ हमसे रहता भतरा दूर

कऊवा उड़ गदहा उड़ हमसे रहता भतरा दूर

घुमे सरेह उखी रहरी में ! घुमे सरेह उखी रहरी में

मुवाना बिनतावे झींगा जा के नहरी में

मुवाना बिनतावे झींगा जा के नहरी में

अरे जिओ !

[म्यूजिक..]

बुझे ना खेसारी अब मउगी के मन के

मउगी के मन के हो मउगी के मन के

मउगी के मन के हो मउगी के मन के

लइका के माई बनब लागे चन्दन के

हो बनब चन्दन के

जाने फाने कहा उल्हा ना नसाईल लुगा झुला

अभी ले पियरी साड़ी एही में परल बा

माटी लेवर द

माटी लेवरला से ठीक हो जाई

कईसे होई

जवानी के आग माटी से ना बुती ऐ व्यास

ढोढ़ी त पियरी माटी से मुदाला

ढोढ़ी मुदाला लेकिन जवानी ना मुदाई

अरे जिओ व्यास

त जाने फाने कहा उल्हा ना नसाईल लुगा झुला

राज गाजीपुरी बिगड़ले सहुर

सब उहे खेला कईले बाड़े

लागे नीलकमला बिगड़ले बा सहूर

कऊवा उड़ कुकुर उड़ भतरा रहता हमसे दूर

कऊवा उड़ कुकुर उड़ भतरा रहता हमसे दूर

आवता ना ओकरा रखे के मेहर लुर

आवता ना ओकरा रखे के मेहर लुर

कऊवा उड़ खरहा उड़ भतरा रहता हमसे दूर

कऊवा उड़ खरहा उड़ भतरा रहता दूर

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